देश के इस दौर में पारसाई के व्यंग्य-निबन्घो की विवेचना
त्रिपाठी, विश्वनाथ
देश के इस दौर में पारसाई के व्यंग्य-निबन्घो की विवेचना विश्वनाथ त्रिपाठी - नई दिल्ली राजकमल प्रकाशन 2000 - 112 p.
हिन्दी
1. हिन्दी. ।. पुस्तक न।म.
891.437009 (PAR) / TRI P0
देश के इस दौर में पारसाई के व्यंग्य-निबन्घो की विवेचना विश्वनाथ त्रिपाठी - नई दिल्ली राजकमल प्रकाशन 2000 - 112 p.
हिन्दी
1. हिन्दी. ।. पुस्तक न।म.
891.437009 (PAR) / TRI P0